मेघना चौधरी का परिवार करीब डेढ़ दशक पहले अलीगढ़ से गाजियाबाद आकर बस गया था.
अब लाजपत नगर इस परिवार का स्थायी ठिकाना है.
यहां कारोबार और पारिवारिक जीवन के बीच मेघना के परिजनों ने अपनी अलग पहचान बनाई है.
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की होने वाली पत्नी मेघना चौधरी का परिवार लाजपत नगर में रहता है.

अब लाजपत नगर इस परिवार का स्थायी ठिकाना है.
यहां कारोबार और पारिवारिक जीवन के बीच मेघना के परिजनों ने अपनी अलग पहचान बनाई है.
परिवार का नाता आज भी अलीगढ़ से पूरी तरह कायम है.

मेघना का पैतृक गांव अलीगढ़ जिले के गोंडा ब्लॉक में स्थित रुदायन उर्फ तारापुर है.
शादी की खबर के बाद गाजियाबाद में रहने वाले उनके परिजनों से लेकर पैतृक गांव तक इस रिश्ते को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.
मेघना के परिवार में कौन-कौन?
उनके पिता अरुण चौधरी ठेकेदारी का काम करते हैं.
उनके चाचा राकेश चौधरी और अजय चौधरी जूते के कारोबार में सक्रिय हैं.
गाजियाबाद में परिवार की जूते की दुकान भी है.
करीब 15 वर्षों से लाजपत नगर में रह रहे परिवार ने इसी शहर में अपने कामकाज और रोजमर्रा की जिंदगी को व्यवस्थित किया है.
मेघना की मां विजया चौधरी और छोटे भाई करन चौधरी भी परिवार का हिस्सा हैं.
परिवार के बुजुर्गों का ठिकाना अब भी पैतृक गांव है.
मेघना के दादा राधेश्याम चौधरी भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं.
वह अपनी पत्नी सावित्री देवी के साथ रुदायन उर्फ तारापुर गांव में रहते हैं.
परिवार की एक पीढ़ी गांव में है, जबकि दूसरी गाजियाबाद में रहकर कारोबार संभाल रही है.
मेघना के विवाह की खबर से दादा-दादी भी बेहद खुश हैं.
14 नवंबर को अलीगढ़ में होने वाले सगाई समारोह में परिवार के सदस्य शामिल होंगे.
गांव के कुछ लोग भी इस आयोजन में पहुंचेंगे.
27 नवंबर को दिल्ली में विवाह समारोह प्रस्तावित है.
मेघना के परिवार के लिए यह विवाह गाजियाबाद और अलीगढ़, दोनों से जुड़ा आयोजन बन गया है.
एक ओर लाजपत नगर में रहने वाले परिजन शादी की तैयारियों में जुटे हैं, तो दूसरी ओर पैतृक गांव में भी इस रिश्ते को लेकर खुशी है.
मौलिक रिपोर्ट · गाजियाबाद