विराट कोहली ने क्यों कही ऐसी बात? 15,000 रन बनाकर एक दिन सब खत्म हो जाएगा

वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के बाद कोहली ने कहा भारतीय टीम के साथ मैदान पर बिताए गए हर पल का मैं लुत्फ उठा रहा हूं.


ऐसा भी हो सकता था कि मैं जहां हूं 'एक दिन सब खत्म हो जाएगा', 15,000 रन बनाकर विराट कोहली ने क्यों कही ऐसी बात?

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली का बल्ला जमकर चला. टीम के लिए उन्होंने महज 88 गेंदों में 139 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली.

 इस दौरान उन्होंने वनडे में सबसे तेज 15,000 रन बनाने की विशेष उपलब्धि भी हासिल की.

 मैच के बाद उन्होंने खास रिकॉर्ड पर अपना विचार भी साझा किया. 

उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मेरा ध्यान कभी भी व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं रहता है. मेरा फोकस हमेशा मैच की परिस्थिति को समझने और टीम के लिए अपना काम करने पर रहता है. उपलब्धियां तो अपने आप आती रहती हैं.'

  • उन्होंने कहा, 'मैं खुद को भाग्यशाली और ईश्वर का आभारी मानता हूं कि मुझे इतने लंबे समय तक खेलने का मौका मिला है. बस मैं सिर झुकाकर अपना काम करता हूं और भगवान का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे जीवन में इतने अवसर दिए हैं.

 हम बहुत सौभाग्यशाली हैं क्योंकि दुनिया में न जाने कितने लोग यहां तक पहुंचना चाहते हैं. हम उन चुनिंदा लोगों में हैं जिन्हें यह अवसर मिला है. इसलिए हमें हर दिन पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ अपना काम करना चाहिए.'

उन्होंने कहा, 'सच कहूँ तो मैं बहुत खुश हूं. कभी-कभी हमें पीछे मुड़कर देखना चाहिए कि हम क्या थे और कहां से आए हैं. 

अक्सर हम दुनिया की चकाचौंध, प्रसिद्धि और ध्यान में इतने उलझ जाते हैं कि अपनी शुरुआत को ही भूल जाते हैं.'

कोहली ने कहा, 'भारतीय टीम के साथ मैदान पर बिताए गए हर पल का मैं लुत्फ उठा रहा हूं. 

ऐसा भी हो सकता था कि मैं जहां हूं वहाँ होता ही नहीं. भारत के लिए कभी खेल ही नहीं पाता. वह भी हो सकता था।.'

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युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कोहली ने कहा, 'यह एक सच्चाई है. जिसका सामना खिलाड़ी नहीं करना चाहते हैं. एक दिन सब कुछ खत्म हो जाएगा. इसलिए जब तक आप खेल रहे हैं. आपको उसी तरह खेलना चाहिए जैसा आप खेलना चाहते हैं.'

युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कोहली ने कहा, 'मैं यही सलाह देना चाहूंगा कि मैदान के बाहर की चीजों के बारे में ज्यादा मत सोचो. जब आप मैदान पर कदम रखते हैं, तो वही आपकी पूरी दुनिया होनी चाहिए.'

उन्होंने कहा, 'अपने शरीर को पूरी तरह से झोंक दो. अगर 150 की स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते हुए एक ओवर में चार डबल रन लेने पड़े तो दौड़ो. कोई बहाना नहीं होना चाहिए. अगर आप इस मानसिकता के साथ खेलेंगे, तो सब ठीक रहेगा.'
वर्ल्ड कप को लेकर कोहली ने कहा, 'हां, इस पारी से मुझे काफी स्पष्टता मिली है. वर्ल्ड कप में अब करीब एक साल रह गया है. मुझे पता है मेरा लक्ष्य क्या है.'

उन्होंने कहा, 'अब जो मैच मुझे मिलते हैं. उनमें मैं अपने खेल के अलग-अलग पहलुओं पर काम करना चाहता हूँ. खुद को शारीरिक रूप से फिट रखना चाहता हूं और खुद को चुनौती देना चाहता हूं.'

गिल की कप्तानी पर कोहली ने कहा, 'वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं. वह बेहद प्रतिभाशाली हैं.

 इसलिए बल्लेबाजी के दौरान उनसे ज्यादा बात करने की जरूरत नहीं पड़ती है. हां, मैदान में जब भी मेरी सलाह या मदद की जरूरत होती है. उसके लिए मैं उनके सामने हमेशा उपलब्ध रहता हूं.'