भाजपा की नजरों में महिला सम्मान, सशक्तीकरण, सुरक्षा ये सारी बातें दलगत राजनीति के तहत ही आती हैं.बलात्कार की कोशिश को छिटपुट घटना कहना यह दिखाने के लिए काफी है कि सरकार में बैठे लोग केवल खुद को बचाने में लगे हैं, उन्हें असल में आधी आबादी के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है.
देश की राजधानी दिल्ली में एक के बाद एक बलात्कार की भयावह घटनाएं
भारत में लड़कियां कितनी असुरक्षित हैं, इसके रोजाना उदाहरण सामने आते हैं. अभी देश की राजधानी दिल्ली में एक के बाद एक बलात्कार की भयावह घटनाएं घटीं, जिस पर भाजपा सरकार से सवाल किए गए, तो जवाब में भाजपा ने पलट कर पिछली सरकारों के वक्त घटे प्रकरण याद दिला दिए.
मतलब भाजपा की नजरों में महिला सम्मान, सशक्तीकरण, सुरक्षा ये सारी बातें दलगत राजनीति के तहत ही आती हैं.
चुनावों का वक्त आए तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक दावे करते हैं कि भाजपा ने महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाया है.
जमुई मामले में भाजपा विधायक का ऐसा बयान अब आश्चर्यचकित भी नहीं करता है, क्योंकि एक नहीं सैकड़ों बार भाजपा नेताओं ने ऐसे ही महिला और संविधान विरोधी बयान दिए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि 19 सितंबर को बिहार के जमुई में शाम सात बजे एक नाबालिग लड़का और लड़की स्कूटी पर जा रहे थे, तभी कई लोगों ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया.
लोगों ने इसके बाद उनसे तरह-तरह के सवाल उनके रिश्तों को लेकर किए और इस बीच एक व्यक्ति ने लड़की को उठाकर उसके अंदरूनी अंगों पर जबरन हाथ लगाया, उसे खींचा और इसका बाकायदा वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल भी किया.
दोनों बच्चे गुंडों के सामने गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनकी घिनौनी हरकतें नहीं रुकीं.
ज्यादा दुख की बात यह है कि इस वीडियो को बहुत से लोगों ने बाकायदा अश्लील गीतों के साथ और ज्यादा प्रसारित किया.. यानी लड़की से प्रत्यक्ष बलात्कार जैसी कोशिश करने वाले तो अपराधी हैं ही.
समाज में नकाबपोश ऐसे हजारों-लाखों भरे पड़े हैं, जिन्होंने इस वीडियो के जरिए फिर उस बच्ची की अस्मिता को तार-तार करने की कोशिश की.
बिहार में पहले जहानाबाद में भी ऐसा ही मामला घट चुका है.
भाजपा शासित मणिपुर में कुकी और मैतेई जनजातीय संघर्ष में जिस तरह दो महिलाओं की नग्न परेड कराई गई, उनके साथ बलात्कार हुआ, उससे आज भी दिल कांप उठता है, अब बिहार में फिर ऐसी ही कोशिश की गई.
इस मामले पर जब विपक्ष ने आवाज उठाई, राहुल गांधी जैसे नेताओं ने अपराधियों पर पॉक्सो समेत अन्य कठिन धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की, तब बिहार सरकार हरकत में आई.
पुलिस ने तीन लोगों की गिरफ्तारी की बात कही है, उनमें से एक का एनकाउंटर भी हुआ है, उसके पैर में गोली मारी गई है.
लेकिन इससे उस बच्ची को इंसाफ नहीं मिल सकता.
बिहार जदयू के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि ऐसी छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है.
बलात्कार की कोशिश को छिटपुट घटना कहना यह दिखाने के लिए काफी है कि सरकार में बैठे लोग केवल खुद को बचाने में लगे हैं, उन्हें असल में आधी आबादी के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है.
अभी इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में हास्य कलाकार पुलकित मणि ने राहुल गांधी के साथ मां को कुर्सी दो वाला अभिनय किया तो सारे देश के भाजपा नेता, मंत्री, पत्रकार राहुल गांधी पर आरोप लगाने लगे कि उन्होंने महिला का अपमान किया.
लेकिन भाजपा शासित राज्यों में बलात्कार या बलात्कार की कोशिशों पर सबका मुंह बंद हो जाता है. अगर बयान देते भी हैं तो इस तरह कि अपराधियों का बचाव हो जाए