इस मार्च में शामिल होने के लिए कांग्रेस ने सभी विपक्षी दलों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है.
नेहा बोरा का X पोस्ट संकेत करता है कि वह भी विपक्ष के इस मार्च में आमंत्रित की गई हैं या स्वयं अपने स्तर पर इस मार्च में शामिल होंगी.
राहुल गांधी के साथ कर चुकी हैं मंच साझा
नेहा बोरा कई बार राहुल गांधी और विपक्षी दलों के साथ मंचों पर दिखाई दी हैं.
सबसे पहले वे जून में जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ हुए छात्र-आंदोलन में 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद राहुल गांधी से मिली थी.
वहां उन्होंने दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाए जाने पर राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हुई थी.
अक्टूबर में SIR और CEC के मुद्दे पर हुए आंदोलन के दौरान भी 12 अक्टूबर को जब राहुल गांधी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था, तब नेहा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ चलते हुए नजर आई थी.
वह 13 अक्टूबर 2026 को भी राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ राहुल गांधी के निवास पर आयोजित 'हाई-टी' के बाद दिल्ली में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शामिल हुई थीं.
राहुल गांधी की अपील
1 नवंबर की रैली के लिए राहुल गांधी लगातार सोशल मीडिया माध्यमों पर वीडियो बनाकर लोगों से भारी संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं.
एक वीडियो में उन्होंने कहा है कि "चलो दिल्ली रामलीला मार्च’ लोकतंत्र बचाने का, ‘वोट चोरी’ रोकने का और संविधान बचाने का मार्च है.
यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं है, यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है.” 'पुलिस की चिंता मत कीजिए...'
उन्होंने कहा है कि “जो भी लोग प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त से तंग हैं. जो भी लोकतंत्र बचाना चाहते हैं और संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, सभी आइए. एक ही प्रोटेस्ट है. देश का प्रोटेस्ट है.”
उन्होंने लोगों को बिना डरे मार्च में शामिल होने के लिए कहते हुए कहा कि “पुलिस की चिंता मत कीजिए, लाठीचार्ज की चिंता मत कीजिए, भाजपा में इतनी हिम्मत नहीं होगी कि वे कोई भी हरकत करे. हमारे साथ मार्च में आइए हम संविधान की रक्षा के लिए, भारतीय राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ चलेंगे. घबराने की कोई जरूरत नहीं है.”
राहुल गांधी ने कहा है कि “मैं सभी छात्र संगठनों से अपील करता हूं, चाहे आपकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो, अगर आपको लगता है कि भारत पर हमला हो रहा है,
अगर आपको लगता है कि आप पर हमला हो रहा है, आपकी अभिव्यक्ति, आपके विचार, आपके सोचने का तरीका खतरे में है, तो आइए और हमसे जुड़िए.”