राहुल गांधी लोकसभा में नेता विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से बहस करने की चुनौती देने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और BJP की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने उन पर पलटवार किया है.

निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी से कहा कि सिर्फ आरोपों से नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपसे उत्तरदायित्व की अपेक्षा की जाती है.

राहुल गांधी लोकसभा में नेता विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से बहस करने की चुनौती देने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और BJP की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने उन पर पलटवार किया है.

निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी से सवाल किया कि आप चर्चा के लिए इतने उत्सुक होने का दावा कैसे कर सकते हैं, जब आप दूसरे पक्ष को सुनने के लिए संसद में रुकते तक नहीं हैं?
वित्त मंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘राहुल जी, आप प्रधानमंत्री जी से चर्चा के लिए स्थान चुनने को कहते हैं.
वह स्थान पहले से ही उपस्थित है- संसद, जहां आप नेता प्रतिपक्ष हैं.
आप संसद में चर्चा के लिए वही उत्साह क्यों नहीं दिखाते जो आप सोशल मीडिया पर चुनौतियां देते समय दिखाते हैं?’
उत्तर मांगने के साथ उसे सुनने का दायित्व भी होता है- सीतारमण
सीतारमण ने कहा, ‘उत्तर मांगने के साथ-साथ उन्हें सुनने का दायित्व भी होता है.ऐसे कई अवसर आए हैं,
जब आपने और आपके दल ने संसद से तब वाक आउट किया है जब सरकार आपके आरोपों का उत्तर दे रही थी.
आप चर्चा के लिए इतने उत्सुक होने का दावा कैसे कर सकते हैं जब आप दूसरे पक्ष को सुनने के लिए रुकते तक नहीं हैं?’
उन्होंने कहा, ‘बात सिर्फ वाक आउट तक ही सीमित नहीं है.
आपने और इंडी गठबंधन (INDI Alliance) ने कार्यवाही में बार-बार बाधा उत्पन्न की है. जिसके परिणामस्वरूप पूरी-की-पूरी बैठकें व्यर्थ हो गई हैं.
अगर आप चर्चा के इतने ही इच्छुक हैं, तो आप सबसे पहले संसद को सुचारू रूप से कार्य क्यों नहीं करने देते? और फिर वह 'मॉक संसद' है,
जिसका आपने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आयोजन किया.
स्पष्ट रूप से कहूं तो, वह 'मॉक संसद' से अधिक 'संसद का उपहास' (Mockery of Parliament) था.
उस कृत्य के लिए आपको समय और उत्साह मिल गया.
निश्चित रूप से, वास्तविक संसद कम-से-कम इतने सम्मान की तो अधिकारिणी है.’
नेता विपक्ष के रूप में आपसे कुछ गंभीरता की अपेक्षा की जाती है- सीतारमण वित्त मंत्री ने आगे कहा, ‘आप लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के विषय में निरंतर उपदेश देते हैं.
परंतु वह सम्मान उन संस्थाओं के प्रति आपके आचरण में भी परिलक्षित होना चाहिए, जिनकी स्थापना उनके द्वारा की गई है.
जहां तक आपकी तरफ से बिना किसी गंभीरता के उठाए गए विषयों की बात है, विशिष्ट आरोप और उनकी पुष्टि के लिए प्रमाण प्रस्तुत करें.
सिर्फ आरोपों की एक लंबी सूची बना देने से आपका पक्ष सशक्त नहीं हो जाता.
नेता प्रतिपक्ष के रूप में, आपसे कुछ गंभीरता और उत्तरदायित्व की अपेक्षा की जाती है.
उन्होंने कहा, ‘आप कहते हैं, "डरो मत”. तो तथ्य प्रस्तुत करें, परीक्षण का सामना करें और उत्तर सुनने के लिए रुकें.
सदन में चर्चा के उन मानदंडों का पालन करें, जिनकी अपेक्षा आप दूसरों से करते हैं.’
बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने अपने X पोस्ट में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा,
‘जो पार्लियामेंट में डिबेट से डरते हैं, सुना है आज-कल वो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं.’
मौलिक रिपोर्ट · भारत