आराधना मिश्रा को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने यूपी चुनाव से पहले खेला बड़ा दांव खेला
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.कुछ दिन पहले यूपी में बदलाव की अटकलें थीं.
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है.
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है. कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है. उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है.

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.कुछ दिन पहले यूपी में बदलाव की अटकलें थीं.
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है.
कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है. उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है.

आराधना मिश्रा के अलावा इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. आराधना मिश्रा से पहले अजय राय अगस्त 2023 से प्रदेश अध्यक्ष थे.
आराधना मिश्रा के पास राजनीति में दो दशकों का अनुभव है. उन्हें मोना भी कहा जाता है.
उनका जन्म 20 अप्रैल 1974 को हुआ था. आराधना मिश्रा राजनीतिक परिवार से आती हैं.
वह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं.
आराधना मिश्रा उसी रामपुर खास सीट से विधायक हैं, जहां से उनके पिता प्रमोद तिवारी 9 बार विधायक रहे हैं.
प्रतापगढ़ की इस सीट पर तिवारी परिवार का 5 दशकों से प्रभाव है. उनके पिता प्रमोद तिवारी पहली बार 1980 में यहां से विधायक बने थे.
आराधना मिश्रा को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने यूपी चुनाव से पहले बड़ा दांव खेला है.
कांग्रेस ने एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की है.
आराधना मिश्रा ब्राह्मण समुदाय से आती हैं. उन्हें अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने ब्राह्मण वोटों को साधने की कोशिश की है.
यूपी की 100 से ज्यााद सीटों पर ब्राह्मण वोटर्स निर्णायक भूमिका में हैं. उनकी संख्या 12 फीसदी से ज्यादा है.आराधना मिश्रा को कमान सौंपकर महिला वोटर को संदेश देने की कोशिश की है.
मौलिक रिपोर्ट · भारत · संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित