अमेरिका से मिल रही CJP को फंडिंग, अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का आरोप
सिंगर मैरी मिलबेन ने CJP पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भारत के सभी युवा देशभक्तों, यह चुप रहने का समय नहीं है. अभिजीत दीपके और 'कॉकरोच जनता पार्टी' को अमेरिका के उन डोनर्स से फंडिंग मिल रही है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में आपके भविष्य के खिलाफ हैं. डरो मत, मेरे युवा देशभक्तों.
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भारत के मुद्दे पर कमेंट करने वालीं एक अमेरिकी सिंगर ने फिर बड़ा बयान दिया है.
अफ्रीकी-अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने आरोप लगाया कि CJP को अमेरिकी डोनर्स से फंडिंग मिल रही है.
उन्होंने भारत के लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि आपके प्रधानमंत्री ने 25 साल तक भारत की सेवा की है, वे 12 साल प्रधानमंत्री रहे हैं और लगातार तीन बार चुने गए हैं, वे अमेरिका के विघटनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे.
सिंगर मैरी मिलबेन ने अगस्त के महीने में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी जुबानी हमला बोला था जब उन्होंने RSS चीफ मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध किया था.
सिंगर मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भारत के सभी युवा देशभक्तों, यह चुप रहने का समय नहीं है.
अभिजीत दीपके और 'कॉकरोच जनता पार्टी' को अमेरिका के उन डोनर्स से फंडिंग मिल रही है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में आपके भविष्य के खिलाफ हैं. डरो मत, मेरे युवा देशभक्तों.
आपके प्रधानमंत्री, जिन्होंने 25 साल तक भारत की सेवा की है - 12 साल प्रधानमंत्री के तौर पर और लगातार तीन बार चुने गए - वे मेरे देश की विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं..."
मिलबेन ने आगे लिखा, "...इन चुनिंदा डोनर्स का दुनिया भर में एक ही तरीका है.
रूढ़िवादी वैश्विक नेताओं को निशाना बनाना, उस देश से अमेरिका में पढ़े-लिखे व्यक्ति को ढूंढना, उन्हें कट्टरपंथी बनाना, उन्हें वापस देश भेजना और अराजकता व तबाही फैलाने के लिए उन्हें फंड देना.
इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने देश के विकास और शासन पर असर जरूर डाला है.
अब समय आ गया है कि भारत की मिट्टी में जन्मे, पले-बढ़े और शिक्षित युवा आगे आएं, संगठित हों और 'कॉकरोच पार्टी' की विघटनकारी सोच का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें.
लोकतंत्र और आज़ादी को बनाए रखने के लिए हमेशा एक जवाबी आंदोलन होना चाहिए. जागो, युवा देशभक्तों! जागो!"
अगस्त के महीने में मिलबेन ने आरोप लगाया कि मोहन भागवत के विरोधी सिर्फ इसलिए कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ हैं.