सीएम नायब सिंह सैनी ने निजीकरण न किए जाने का दिया भरोसा, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त
गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से ब्लैकआउट, 12 घंटे में 3000 से ज्यादा शिकायतें गुरुग्राम में बिजली निगम कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली संकट गहरा गया है. 12 घंटे में 3000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं.सीएम नायब सिंह सैनी और मंत्री अनिल विज खुद आज बिजली कर्मचारियों से मिलने पहुंचे थे.
राज्य के 40 हजार कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे थे, जिसके चलते गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, रोहतक, पानीपत और यमुनानगर जैसे बड़े शहरों समेत कुल 15 जिलों में बिजली संकट पैदा हो गया था.
अब फिर से राज्य में बिजली व्यवस्था बहाल हो गई है. सीएम नायब सिंह सैनी और मंत्री अनिल विज खुद आज बिजली कर्मचारियों से मिलने पहुंचे थे.
मुख्यमंत्री ने विद्युत कंपनियों का निजीकरण न किए जाने का भरोसा दिया.
इसके बाद ही कर्मचारी हड़ताल खत्म करने के लिए राजी हुए. अब 3 नवंबर को सरकार के साथ बाकी मांगों को लेकर बैठक होगी।
सीएम सैनी ने बिजली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की बातों को विस्तार से सुना और उनकी मांगों पर काम करने का भरोसा दिलाया.
बैठक के बाद सरकार और कर्मचारियों की ओर से संयुक्त रूप से घोषणा की गई कि फिलहाल हड़ताल वापस ली जा रही है.
कर्मचारियों ने बताया कि सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया है.
कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, सरकार ने बिजली विभाग के निजीकरण नहीं किए जाने का आश्वासन दिया है.
इसी के आधार पर हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बनी.
कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर चर्चा के लिए सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच 3 नवंबर को फिर बैठक होगी.
उस बैठक में बाकी मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की जाएगी.
हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश में बिजली सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद है.