तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चेतावनी.
उन्होंने सीईसी से चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बेहतर होगा कि वे पहली फ्लाइट पकड़ें और अमेरिका चले जाएं,
MP Mahua-Moitra ने CEC ज्ञानेश कुमार को दी चेतावनी, बोलीं वे बचने वाले नहीं हैं और उन्हें जेल जाना ही होगा…

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चेतावनी.
उन्होंने सीईसी से चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बेहतर होगा कि वे पहली फ्लाइट पकड़ें और अमेरिका चले जाएं,
नहीं तो इंडिया ब्लॉक की सरकार बनने पर कानून बदला जाएगा और उन्हें जेल में डाल दिया जाएगा.
टीएमसी एमपी महुआ मोइत्रा ने दावा किया है मोदी सरकार 2029 से पहले भी गिर सकती है.
उन्होंने कहा है कि जैसे ही इंडिया ब्लॉक की सरकार बनेगी, सीईसी ज्ञानेश कुमार बच नहीं पाएंगे और उन्हें जेल जाना होगा.
उन्होंने सीईसी के खिलाफ कई भड़काऊ टिप्पणियां की हैं.
उन्होंने ब्राजील के फ्लेवियो बोल्सोनारो का हवाला देते हुए कहा कि अपने देश से भागने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें मियामी में सुरक्षित पनाह दी है.
उन्होंने कहा कि वह ज्ञानेश कुमार को भी यही सलाह दे रही हैं.
बता दें कि पिछले महीने ब्राजील के सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा से हा गए और देश छोड़कर चले गए। जबकि,ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पासपोर्ट जमा करने को कहा था।
सीईसी और चुनाव आयुक्तों को कैसी कानूनी छूट मिली है?
सीईसी और ईसी कानून 2023 में दिसंबर में पास किए गए.
इस कानून की धारा 16 में ये प्रावधान है कि मौजूदा या पूर्व सीईसी और चुनाव आयुक्तों के खिलाफ उनकी ड्यूटी के दौरान लिए गए आधिकारिक फैसले या इसके कार्यों से जुड़े मामले में कोई भी अदालत सिविल या क्रिमिनल कार्यवाही नहीं शुरू करेगी.
सीईसी और चुनाव आयुक्तों को उनकी ड्यूटी से संबंधित यह छूट जीवन भर के लिए और बिना शर्त है.
CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहा है विपक्ष
विपक्षी दलों के गठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की टीएमसी कांग्रेस की अगुआई वाले इंडिया ब्लॉक को ज्यादा भाव नहीं देती थी.
ममता बनर्जी अपनी शर्तों पर गठबंधन का हिस्सा बनी रहीं और बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट को फटकने तक नहीं दिया.
जब विधानसभा में बीजेपी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा तो वह मजबूरन इंडिया ब्लॉक में फिर से जोरदार तरीके से सक्रिय हो गईं.
यह ब्लॉक एसआईआर के माध्यम से वोटर लिस्ट में वोटरों के नाम कटने को वोट चोरी कह रहा है और ऐसा करवाने के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहा है.
मौलिक रिपोर्ट · नई दिल्ली