INDIA गठबंधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच तालमेल को लेकर उठने लगे सवाल
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीट बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर खींचतान और बयानबाजी का दौर जारी है.
उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कार्यक्रमों की प्लानिंग और समय पर सूचना देने को लेकर तालमेल की जो कमी है, इशारों-इशारों में वह अब सतह पर आने लगी है.

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीट बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर खींचतान और बयानबाजी का दौर जारी है.
बैठक में जाने से पहले राजीव राय ने चुटकी लेते हुए कहा कि 'आज समय पर मैसेज मिल गया, इसलिए आज बैठक में जा रहे हैं.'
इसकी सुगबुगाहट पहले दिन से ही महसूस होने लगी थी. चुनाव आयोग और ईवीएम के मुद्दे पर जब राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों ने संसद से मार्च निकाला, तो समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर सड़कों पर उतरे.
बैरिकेडिंग लांघने से लेकर हिरासत में जाने तक दोनों दलों के कार्यकर्ता और नेता साथ दिखे.
लेकिन इस बाहरी एकजुटता के पीछे कार्यक्रमों की पहले से कोई तय और संयुक्त रूपरेखा न होना अंदरूनी तौर पर खटकने लगा था.
ये खबरें आईं कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन की सूचना बिल्कुल अंतिम मौके पर समाजवादी पार्टी को दी गई थी

दिल्ली में चल रहे इस बड़े जमावड़े के बीच सपा की इस गैरहाजिरी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए.
पार्टी की तरफ से दलील दी गई कि उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक होने के कारण उनके सांसद और नेता अपने-अपने क्षेत्रों में व्यस्त हैं और कुछ निजी व्यस्तताएं भी थीं. लेकिन लंच से यह दूरी बिना कहे बहुत कुछ कह गई.मौलिक रिपोर्ट · भारत · संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित