CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी का निधन
- दीपके फिलहाल दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं.महाराष्ट्र के हिंगोली में उननकी दादी का निधन हो गया है. दीपके की दादी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं.
पार्टी की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में दीपके को विमान के अंदर मौजूद पुलिस अधिकारियों से यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हम यहां गिरफ्तारी देने के लिए आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.”पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीजेपी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे करीब 3000 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है. एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया.

उन्होंने हिंगोली स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली.
CJP ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आए उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के उतरते ही विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया.
तीनों मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे.
पार्टी की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में दीपके को विमान के अंदर मौजूद पुलिस अधिकारियों से यह कहते हुए सुना जा सकता है,
“हम यहां गिरफ्तारी देने के लिए आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.”
बता दें कि अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया था.
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वह मुंबई से आज सुबह ही दिल्ली पहुंचा था. लेकिन फ्लाइट के भीतर ही दिल्ली पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया.
दीपके के साथ ही सौरव दास, आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया.
पुलिस ने पहले उनको समझाने की कोशिश की,
लेकिन जब वे लोग बात नहीं माने तब उनको हिरासत में ले लिया गया.
CJP के अनुसार, हिरासत में लेने से पहले पुलिसकर्मियों ने नेताओं को बताया कि उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है.
दीपके ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे वे अपराधी हों.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीजेपी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे करीब 3000 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है.

एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया. इनमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पार्टी नेता गोपाल राय और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हैं.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कथित चुनावी अनियमितताओं की जवाबदेही तय की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें.
मौलिक रिपोर्ट · भारत · संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित