मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
SIR के दौरान करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप की सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में SIT और ECINet-ERONet के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच SIR मामले को सुनेगी.SIR से जुड़े याचिकाओं में कथित एकतरफा फैसलों, दिशा-निर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
SIR के दौरान करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप की सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में SIT और ECINet-ERONet के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच मामले को सुनेगी.
ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी डिमांड है.
याचिकाओं में चुनौती दी गई है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एकतरफा रूप से उन शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं, जो संवैधानिक रूप से पूरे बहु-सदस्यीय चुनाव आयोग के लिए निर्धारित हैं.
वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने इस मामले को 29 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश के सामने उठाया था,
CEC ज्ञानेश कुमार से आयोग की सामूहिक शक्ति के इस्तेमाल का कानूनी आधार बताने और ECI के मूल रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और बैठक के कार्यवृत्त तलब करने की मांग
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दाखिल की थी.
SIR से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों को चुनौती देते हुए ज्ञानेश कुमार के अलावा वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और निर्वाचन आयोग की महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.याचिका में मांग की गई है कि ऐसे सभी फैसलों, दिशा-निर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक और शून्य घोषित किया जाए
याचिकाकर्ता के मुताबिक CEC ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिया या लागू कराया.
आरोप लगाया गया है कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति या असहमति दर्ज की.
मौलिक रिपोर्ट · भारत · संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित